Speech के द्वारा ही हम दूसरे लोगों के  साथ communicate करते है  और अपने मन के हाव भाव दुसरो के साथ share करते है। अगर कोई ऐसा करने में समर्थ नहीं हो पाता है तो हो सकता है वह कोशिश कर रहा हो पर किसी reason से अपने हाव भाव दुसरो के साथ share नहीं कर पा रहा हो।  हो सकता है वह speech में delayed हो। अपने मन की बात आपसे ना कर पा रहा हो। अगर आपको भी अपने बच्चे में ऐसे ही कुछ दिख रहा है तो एक बार उसको किसी speech therapy centre में जरूर लेकर् जाए ।  क्यूंकि early invention से ही speech में delayed को ठीक किया जा सकता है।  पर अगर हम ये सोच कर चुप हो जाते हें कि अभी बच्चा छोटा है जैसे जैसे बड़ा होगा ठीक हो जायेगा, क्यूंकि ऐसा नहीं होता है, जैसे जैसे बच्चे की आगे बढ़ती जाति है वैसे वैसे speech की problem और भी बढ़ती जाति है। तो जरूरी है कि जितना जल्दी आप अपने बच्चे को speech therapy करवाना शुरु करते हें उतना ही जल्दी यह problem कम होती जाएगी।